भारत की जहाज निर्माण क्षेत्र ने सुरुवात की: टैंकर निर्यात में रिकॉर्ड ऊंचाई पर
भारतीय जहाज निर्माण क्षेत्र की नई दिशा - टैंकर निर्यात में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा
भारतीय जहाज निर्माण उद्योग ने अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच गया है, जिसमें टैंकर निर्यात 2026-27 के जून तिमाही में 6 गुना से अधिक बढ़कर $1.36 अरब हो गया है। देश की उच्च मूल्य वाले जहाज निर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता को ऊर्जा और जहाज निर्माण क्षेत्रों से मजबूत मांग और भारतीय जहाज निर्माण क्षेत्र से बढ़ते जहाजों की आपूर्ति द्वारा प्रेरित किया गया है।
एक नई समुद्री व्यापार की दिशा
यूएई ने भारतीय टैंकर निर्यात के लिए सबसे बड़ा गंतव्य बनकर सामने आया है, जिसमें $900.8 मिलियन के लिए आयात किया गया है। यह महत्वपूर्ण वृद्धि देश के वैश्विक समुद्री व्यापार और वाणिज्यिक जहाज निर्माण में बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। यूएई की वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जहां शिपमेंट $103.6 मिलियन से $900.8 मिलियन तक बढ़ गया है। निर्यात में यह वृद्धि भारत की उच्च मूल्य वाले जहाज निर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता और वैश्विक समुद्री व्यापार में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
सिंगापुर और मध्य पूर्व: नए वृद्धि क्षेत्र
सिंगापुर, दुनिया के प्रमुख समुद्री केंद्रों में से एक, ने भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है, जिसमें $146.4 मिलियन के लिए आयात किया गया है। सिंगापुर के लिए निर्यातित जहाजों की संख्या दो से छह तक बढ़ गई है, जो भारत की वैश्विक जहाज निर्माण और लॉजिस्टिक्स प्रणालियों में बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। मध्य पूर्व भारतीय टैंकर निर्यात के लिए एक बड़ा वृद्धि क्षेत्र बना हुआ है, जिसमें ओमान के लिए शिपमेंट $28.6 मिलियन से $131.6 मिलियन तक बढ़ गया है।
वैश्विक स्वीकृति भारतीय निर्मित टैंकर
गुल्फ अर्थव्यवस्थाओं ने भारतीय टैंकर निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी का प्रदर्शन किया है, जो ऊर्जा और जहाज निर्माण क्षेत्रों से मजबूत मांग को दर्शाता है। श्रीलंका के लिए निर्यातित जहाजों की संख्या भी बढ़ गई है, जो $7.9 मिलियन से $56.5 मिलियन तक पहुंच गई है। भारत के निर्मित टैंकरों की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाते हुए, नए शिपमेंट को ईजिप्ट, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, इंडोनेशिया और मोजाम्बिक को भी दर्ज किया गया है।
एक उज्ज्वल भविष्य
टैंकर निर्यात में वृद्धि भारत की उच्च मूल्य वाले जहाज निर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। यूएई, सिंगापुर और अन्य समुद्री अर्थव्यवस्थाओं से मजबूत मांग और भारतीय जहाज निर्माण क्षेत्र से बढ़ते जहाजों की आपूर्ति देश की वैश्विक समुद्री व्यापार और वाणिज्यिक जहाज निर्माण में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। भारत की बढ़ती क्षमता और जहाज निर्माण क्षमता के विस्तार के साथ, देश के समुद्री उद्योग का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।
मुख्य बिंदु
- भारतीय टैंकर निर्यात ने 2026-27 के जून तिमाही में 6 गुना से अधिक बढ़कर $1.36 अरब हो गया है।
- यूएई भारतीय टैंकर निर्यात के लिए सबसे बड़ा गंतव्य बनकर सामने आया है, जिसमें $900.8 मिलियन के लिए आयात किया गया है।
- सिंगापुर और मध्य पूर्व ने टैंकर निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है, जिसमें ओमान के लिए शिपमेंट $28.6 मिलियन से $131.6 मिलियन तक बढ़ गया है।
- भारत की उच्च मूल्य वाले जहाज निर्माण क्षेत्र में बढ़ती क्षमता ऊर्जा और जहाज निर्माण क्षेत्रों से मजबूत मांग और भारतीय जहाज निर्माण क्षेत्र से बढ़ते जहाजों की आपूर्ति द्वारा प्रेरित की जा रही है।
- देश की वैश्विक समुद्री व्यापार और वाणिज्यिक जहाज निर्माण में बढ़ती भूमिका भविष्य में जारी रहने की संभावना है।
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