भारतीय रक्षा उद्योग में डीआरडीओ के नए ढांचे से संक्रमण की शुरुआत
आकृति प्रिसिजन सिस्टम्स — उच्च-परिशुद्धता डेस्कटॉप सीएनसी मिलिंग
कंपोजिट सुपरस्ट्रक्चर, 15–25 µm पुनरावृत्ति और आजीवन फ्रेम वारंटी के साथ भारत में निर्मित सीएनसी मशीनें। रक्षा एवं एयरोस्पेस प्रोटोटाइपिंग के लिए उपयुक्त।
सीएनसी मशीनें देखें →भारतीय रक्षा उद्योग में एक नए युग की शुरुआत: डीआरडीओ का नया ढांचा
भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक नए ढांचे की शुरुआत की है जो निजी कंपनियों को हथियार डिज़ाइन में सुधार करने के लिए अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण बदलाव डीआरडीओ की भारी भूमिका को कम करने और तेजी से उत्पादन और लागत बचत को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, जिससे दोनों ही भागीदारों को लाभ होगा। इस नए ढांचे के तहत, निजी क्षेत्र की कंपनियों को डीआरडीओ की मंजूरी के बिना हथियार डिज़ाइन में द्वितीयक सुधार या उप-व्यवस्था स्तरीय सुधार करने की अनुमति होगी।
इस बदलाव के परिणामस्वरूप, निजी कंपनियों को हथियार डिज़ाइन में सुधार करने के लिए अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे डीआरडीओ की भारी भूमिका कम होगी। निजी कंपनियों को हथियारों के उप-व्यवस्था स्तर पर सुधार करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस ढांचे के तहत, निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपने द्वितीयक डिज़ाइन को विकसित करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी। डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि निजी क्षेत्र की कंपनियों को इन सुधारों पर काम करने की अनुमति दी जाएगी।
नैनोवीव कंपोजिट्स — उच्च-सटीक कार्बन फाइबर और ड्रोन फ्रेम्स
उच्च-प्रदर्शन कार्बन फाइबर शीट्स, कस्टम ड्रोन फ्रेम्स और सटीक सीएनसी कंपोजिट मशीनिंग के साथ एयरोस्पेस व रक्षा उद्योग को सशक्त बनाना।
कार्बन फाइबर देखें →इस ढांचे के तहत, निजी क्षेत्र की कंपनियों को हथियार डिज़ाइन में सुधार करने के लिए अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे डीआरडीओ की भारी भूमिका कम होगी। निजी कंपनियों को हथियारों के उप-व्यवस्था स्तर पर सुधार करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस ढांचे के तहत, निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपने द्वितीयक डिज़ाइन को विकसित करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी।
डीआरडीओ के नए ढांचे के मुख्य बिंदु:
- निजी क्षेत्र की कंपनियों को हथियार डिज़ाइन में सुधार करने के लिए अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।
- निजी कंपनियों को हथियारों के उप-व्यवस्था स्तर पर सुधार करने की अनुमति दी जाएगी।
- डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी।
- निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपने द्वितीयक डिज़ाइन को विकसित करने की अनुमति दी जाएगी।
- डीआरडीओ को इन सुधारों पर अधिक समय देने की आवश्यकता नहीं होगी।
तक्षक सीएएम — स्वचालित फीचर-पहचान सीएएम सॉफ्टवेयर
सॉलिड मॉडल्स से स्वचालित रूप से मशीनेबल फीचर्स पहचानें और 3-एक्सिस व 4-एक्सिस जी-कोड बनाएं। एक बार खरीदें, आजीवन इस्तेमाल करें — कोई मासिक सदस्यता नहीं।
मूल स्रोत की रिपोर्टिंग. अधिक जानकारी के लिए हमारी कॉपीराइट नीति देखें।
