भारत ने रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए 586 करोड़ रुपये के टैंक अपग्रेड डील पर हस्ताक्षर किए
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सीएनसी मशीनें देखें →भारत ने रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है - 586 करोड़ रुपये के टैंक अपग्रेड डील
रक्षा मंत्रालय ने एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है जिसमें टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए ऑक्सिलरी पावर यूनिट्स (एपीयू) की खरीद की जाएगी। इस महत्वपूर्ण विकास की लागत 586 करोड़ रुपये है। यह महत्वपूर्ण विकास सरकार की विकसित भारत @2047 और रक्षा में आत्मनिर्भरता की दृष्टि को प्रदर्शित करता है, जो आत्मनिर्भरता और एक मजबूत रक्षा उद्योग को बढ़ावा देता है।
संचालन की तैयारी और विश्वसनीयता में सुधार
ऑक्सिलरी पावर यूनिट्स (एपीयू) हैं जो आग्नेयास्त्र नियंत्रण प्रणाली, फायरिंग सर्किट, गन स्थिरीकरण प्रणाली और टैंक के अन्य सहायकों के लिए बिजली का एक वैकल्पिक स्रोत है। यह स्वदेशी विकास टैंकों के लिए संचालन की तैयारी, विश्वसनीयता और स्थायित्व में सुधार करेगा।
उद्योग-आधारित अनुसंधान और विकास
इस खरीद को महत्वपूर्ण उप-व्यवस्थाओं के स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और यह उद्योग-आधारित अनुसंधान और विकास (मेक-आईआई) को प्रदर्शित करता है। यह समझौता रक्षा में आत्मनिर्भरता और एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी भारतीय रक्षा उद्योग के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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कार्बन फाइबर देखें →सरकार की दृष्टि के अनुसार
इस समझौते को सरकार की विकसित भारत @2047 की दृष्टि के अनुसार किया गया है, जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक आत्मनिर्भर देश बनाना है। टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए एपीयू की खरीद इस दृष्टि को प्राप्त करने और रक्षा में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
समझौते की महत्ता
एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता महत्वपूर्ण उप-व्यवस्थाओं के स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता स्वदेशी नवाचार को उत्पादन और प्रवेश में अनुवाद करने की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है। यह समझौता रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धी भारतीय रक्षा उद्योग के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष
586 करोड़ रुपये के टी-72 और टी-90 टैंक अपग्रेड डील भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए एपीयू की खरीद संचालन की तैयारी, विश्वसनीयता और स्थायित्व में सुधार करेगी। यह स्वदेशी विकास सरकार की विकसित भारत @2047 और रक्षा में आत्मनिर्भरता की दृष्टि को प्रदर्शित करता है, जो आत्मनिर्भरता और एक मजबूत रक्षा उद्योग को बढ़ावा देता है। यह समझौता रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धी भारतीय रक्षा उद्योग के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु
- रक्षा मंत्रालय ने एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है जिसमें टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए ऑक्सिलरी पावर यूनिट्स (एपीयू) की खरीद की जाएगी।
- इस समझौते की लागत 586 करोड़ रुपये है।
- यह समझौता रक्षा में आत्मनिर्भरता और एक मजबूत रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए एपीयू की खरीद संचालन की तैयारी, विश्वसनीयता और स्थायित्व में सुधार करेगी।
- यह समझौता रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धी भारतीय रक्षा उद्योग के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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