भारत और आर्मीनिया ने रक्षा सहयोग में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए
भारत और अर्मेनिया के बीच रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना रक्षा सचिव का येरेवन दौरा
रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह का येरेवन का दौरा भारत और अर्मेनिया के बढ़ते रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है। रक्षा सचिव के दो दिन के येरेवन दौरे के दौरान उन्होंने अर्मेनियाई अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें उच्च तकनीक उद्योग मंत्री, डॉ. दावित तादेवोसियन और रक्षा मंत्री, सुरेन पापिक्यान शामिल थे।
उनके दौरे के दौरान, रक्षा सचिव सिंह और उनके अर्मेनियाई समकक्षों ने रक्षा उद्योग में अनुसंधान, विकास, नवाचार और साझा उत्पादन में सहयोग के लिए एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह ऐतिहासिक एमओयू रक्षा अनुसंधान और विकास पर दोनों पक्षों के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक है, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने साझा साझेदारी को मजबूत करने के नए मार्ग खोजे हैं।
एमओयू भारत और अर्मेनिया के रक्षा संबंधों में बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है। हाल के महीनों में, दोनों देशों ने रक्षा संबंधों से संबंधित मामलों पर उच्च स्तर के प्रतिनिधिमंडलों के दौरे का अनुभव किया है। अर्मेनियाई रक्षा मंत्री, सुरेन पापिक्यान ने इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने रक्षा सचिव सिंह से मुलाकात की और रक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
रक्षा सचिव के येरेवन दौरे के बाद, अर्मेनियाई सेना के उच्च स्तर के प्रतिनिधिमंडल ने इस साल नई दिल्ली का दौरा किया था, जिसमें रक्षा सचिव सिंह से मुलाकात की गई थी और रक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई थी। यह दौरा भारत और अर्मेनिया के बढ़ते रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है।
रक्षा सचिव सिंह के अर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय के दौरे के दौरान उन्होंने सेना के मुख्य स्टाफ के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड असरियन से मुलाकात की। यह मुलाकात भारत और अर्मेनिया के बढ़ते रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है, जिसमें दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।
भारत और अर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना एमओयू
भारत और अर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना एमओयू रक्षा अनुसंधान और विकास पर दोनों पक्षों के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक है। दोनों पक्षों ने अपने साझा साझेदारी को मजबूत करने के नए मार्ग खोजे हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
भारत और अर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना एमओयू रक्षा अनुसंधान और विकास पर दोनों पक्षों के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक है। दोनों पक्षों ने अपने साझा साझेदारी को मजबूत करने के नए मार्ग खोजे हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
मुख्य बिंदु
- रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह का येरेवन दौरा भारत और अर्मेनिया के बढ़ते रक्षा संबंधों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है।
- रक्षा सचिव सिंह और उनके अर्मेनियाई समकक्षों ने रक्षा उद्योग में अनुसंधान, विकास, नवाचार और साझा उत्पादन में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
- एमओयू रक्षा अनुसंधान और विकास पर दोनों पक्षों के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रतीक है।
- दोनों पक्षों ने अपने साझा साझेदारी को मजबूत करने के नए मार्ग खोजे हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
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